ख्याल
ख्याल
जब भी देखा है तुम्हें अपनों में देखा है
हमने अपने दिल में तुम्हें आईने की तरह
रखा है
तुम न मानो ना सही हमने तो तुम्हें चाहा है
हर सांस में मैंने तेरी सांसों को रखा है
मोहब्बत मिल नहीं जाती ढूंढने से
हमने तो तुम्हें अपने दिल में दबा रखा है
कभी पूछो तो हमसे कि हम क्या चाहते हैं
तेरी नजर को अपनी नजरों में छुपा रखा है
तेरी हर अदा ज़ालिम कातिल है मेरे दिल का
कभी दिल में तो कभी आईने में छुपा रखा है
यूं तो आप याद आकर ही आते हैं लेकिन
आपको हमने पास अपने एहसास की
तरह रखा है
यूं बेकरार ना कर मुझे कि मर जाएं यहीं हम
हर वक्त आपको हमने अपने दुल्हन की
तरह देखा है
अपना बनाने से पहले मर ना जाएं हम
हर वक्त आपको हमने निगाहों में बसा
रखा है
चले भी जाएं तो ग़म नहीं रश्मि हमने
तो उन्हें अपने नस-नस में समा रखा है

