STORYMIRROR

kacha jagdish

Tragedy

4  

kacha jagdish

Tragedy

ख्याल आया

ख्याल आया

1 min
328

जब कभी बेख्याली में ख्याल आया

अनसुलझे सवालों का तुफा आया


कुछ चली ऐसी हवाएं 

दूर तक संग ले गई हमें 


समय की कद्र जो ना की हम ने

लौटकर कभी कमान हमारे हाथ आई


लौटकर वो समय ना आया

यह जिंदगी बस इंतजार की बनकर रह गई।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy