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kacha jagdish

Tragedy

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kacha jagdish

Tragedy

ख्याल आया

ख्याल आया

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जब कभी बेख्याली में ख्याल आया

अनसुलझे सवालों का तुफा आया


कुछ चली ऐसी हवाएं 

दूर तक संग ले गई हमें 


समय की कद्र जो ना की हम ने

लौटकर कभी कमान हमारे हाथ आई


लौटकर वो समय ना आया

यह जिंदगी बस इंतजार की बनकर रह गई।


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