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Niranjan kumar 'Munna'

Romance

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Niranjan kumar 'Munna'

Romance

ख़्वाब हो तुम

ख़्वाब हो तुम

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मेरी मोहब्बत की

पहचान हो तुम

सुबह में खिलता

एक गुलाब हो तुम


तुम हो मेरी जिन्दगी

जिन्दगी में भी तू

बड़ी लाजवाब हो तुम

दिल में जब - जब 

मचेगी हलचल 

उस हलचल की 

पहचान हो तुम 


ख्वाबों की दुनिया 

भी ग़जब होती है 

उस ख्वाबों की

ख्यालात हो तुम 


दिलों जां से चाहा 

मैं वो सनम 

हर शायरी की 

अंदाज़ हो तुम 

मेरी गज़ल को 

हर शब्द में तुम 

शब्दों में बसते

स्वर तान हो तुम ।



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