STORYMIRROR

Niranjan kumar 'Munna'

Romance

2  

Niranjan kumar 'Munna'

Romance

तेरे लिए

तेरे लिए

1 min
201

तेरी पलकों की

छाँव में 

बसेरा बनाने का

ख्याल आता है।


तेरी एक हंसी पर

मिट जाने का मन करता है,

मन तो करता है

तुझे दिल में छुपा लूँ,

इस कदर

हर जन्म में

तुझे अपना बना लेने का

मन करता है।


अगर हो तेरी इजाजत तो

चांद- तारों से

तेरी मांग भर दूं,

भर दूं तेरे आंचल में

पवित्रता का फूल भर दूं।


दिखा दूं उस खुदा को भी

देख मोहब्बत क्या

चीज होती है,

अगले जन्म का प्यार भी

इस जन्म में भी

क्या कर जाती है।


तेरी नम आंखों में

प्रेम के मोती

भर जाऊंगा,

तुझसे बिछुड़कर मैं

अब जी नहीं पाऊंगा,

तेरे लिए सच कहूँ

हद से गुजर जाऊंगा।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance