खूबसूरत कातिल!
खूबसूरत कातिल!
शायद दिल ये करने लगा है, अब हालात से समझौता
तो भला मैं ही क्युँ सीने में मेरे, और दर्द भरता जाऊँ
दम तोड़ती मुहब्बत, करने लगी है शिद्दत से गुजारिश
छोड़ दूँ पाने की आस, खुश रहने की दुआ करता जाऊँ
कि चाहत में अभी भी, कोई गिरावट हुई नहीं है दर्ज
दिल तो कहता है, तुझे मरने के बाद भी प्यार करता जाऊँ
तु जो ले जान हर दफा शितमगर, तो मरने से गुरेज कैसा
हजार बार लूँ जनम, करुँ तुझसे मुहब्बत और मरता जाऊँ
कभी किसी जनम में तो समझेगी, मुझे मुझसा प्यार करेगी
समझाने को तुझे मुहब्बत, हर दफा तुझे और प्यार करता जाऊँ
एक दुआ रहेगी हर मौत पर रब से, कभी चीख ना निकले
देख कर खूबसूरत कातिल, हुस्न पर उनके बस आह भरता जाऊँ !

