STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract Fantasy

4  

सोनी गुप्ता

Abstract Fantasy

खुशियों का त्यौहार होली

खुशियों का त्यौहार होली

1 min
322

होली का त्यौहार जीवन में खुशियाँ लेकर आया,

रिश्तों का प्यार और संग अपनों का

हरे, पीले, लाल, गुलाबी कर रहे स्वागत सब रंगों से

कैसा रंग बदला खेल रहे हमजोली से

देखो मौसम आया होली का।।


होली के इस पावन पर्व में चहुँ ओर उड़ रहा है गुलाल

प्रेम के रंग में गाल हो रहे हैं लाल

शोर, हुडदंग, ठिठोली सब पिचकारी भर-भर लाये हैं

बच ना पाए कोई हर कोई घात लगाए है

देखो मौसम आया होली का।।


सबके मन से द्वेष, जलन के रंग आज सब मिट जायेंगे

दिल से दिल मिलकर रंगों में घुल जायेंगे

न ही कहीं स्वार्थ की गंध और न ही है कोई अंतर यहाँ

हर रिश्तों में घुल गई है मिठास यहाँ

देखो मौसम आया होली का।।


होली की मस्ती का मौसम यहाँ रंग खुशियों के बिखरे हैं

हर घर गुझिया-मठरी के थाल सजे हैं

रंगों की खुशबू लेकर जब –जब आता होली का त्यौहार

तब-तब बढ़ता जाता अपनों का प्यार

देखो मौसम आया होली का।।


रंगों की बौछार और पिचकारी से सिर्फ बरसे यहाँ प्यार

होली की हुडदंग न हो कोई तकरार

हर गली गूंज रही किलकारी भर- भर मारी है पिचकारी

ढोल, मंजीरे बज रहे न कोई लाचारी

देखो मौसम आया होली का।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract