Author Moumita Bagchi
Tragedy Others
खर्च कर दिया खुद को,
तुझ को " बड़ा" बनाने में,
दूध- रक्त पिला कर पाला था
एकदिन तुझे।
पर अब,
उसी कर्ज़ का तूने
कुछ यूँ कर दिया भुगतान,
माँ को रद्दी समझकर फेंक आया
किसी वृद्धाश्रम के द्वार।।
सशक्त औरतें
खर्च कर दिया
मेरे कान्हा
प्रेम है पवित...
तेरा इश्क मेर...
अनमोल रिश्ते
प्रीत की होली
अलविदा हमसफर
तुम्हारा शहर,...
पुरुषवाद के ख...
कितने अपनों को उड़ा गई, यह कैसी हवा चली, देखो!! कितने अपनों को उड़ा गई, यह कैसी हवा चली, देखो!!
लो अग्नि संस्कार किया स्त्री विमर्श में अपने हाथों से लिखें पृष्ठों का। लो अग्नि संस्कार किया स्त्री विमर्श में अपने हाथों से लिखें पृष्ठों का।
न जाने क्यों मिलने पर हमारे ऐतराज़ था बहुत ज़माने को शामिल हो गए सारे एक तरफ और रौंद डाला प्या... न जाने क्यों मिलने पर हमारे ऐतराज़ था बहुत ज़माने को शामिल हो गए सारे एक तरफ...
मेरी चीखों से तुम्हें सुख मिलता है ऐसा तुम कहते हो मेरी चीखों से तुम्हें सुख मिलता है ऐसा तुम कहते हो
राजनीति सुविधा हुई ,बनी आज व्यवसाय। मीठा-मीठा गप्प सब, कड़वा थूकत भाय।1। राजनीति सुविधा हुई ,बनी आज व्यवसाय। मीठा-मीठा गप्प सब, कड़वा थूकत भाय।1।
मरते रहे मरीज़, अव्यवस्थाओं का शोर था, ये देश रो रहा था,बस तूफानों का दौर था. मरते रहे मरीज़, अव्यवस्थाओं का शोर था, ये देश रो रहा था,बस तूफानों का दौर था.
हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं.. हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं..
मेरे जैसा कहा मिलेगा तुम मुझसे यह कहते थे अब के है जो साथ तुम्हारे, तुम ही बताओ कैसा है मेरे जैसा कहा मिलेगा तुम मुझसे यह कहते थे अब के है जो साथ तुम्हारे, तुम ही बताओ...
कानून अब जी हजूरी की भाषा के अतिरिक्त कुछ नहीं। कानून अब जी हजूरी की भाषा के अतिरिक्त क...
और कर रहे हैं शर्मिंदा सच को, झूठ के झुंड में। और कर रहे हैं शर्मिंदा सच को, झूठ के झुंड में।
जीवन इतना सरल नहीं जीवन इतना सरल नहीं
टूट गई मन की गागरिया टुकड़े झोली भरती। रंगहीन ले...य़ टूट गई मन की गागरिया टुकड़े झोली भरती। रंगहीन ले...य़
इबादत में हमारी असर नहीं रही या ईश्वर ने आँखें बंद कर रखी है। इबादत में हमारी असर नहीं रही या ईश्वर ने आँखें बंद कर रखी है।
कुछ बीती बातें हैं मन में, कब से जी रहा था कल में। कुछ बीती बातें हैं मन में, कब से जी रहा था कल में।
क्या खूब लिखा है कवी ने प्यार, इश्क, मोहब्बत और जज्बात के बारे में... लेकिन एक कसक सी उठती ही है सीन... क्या खूब लिखा है कवी ने प्यार, इश्क, मोहब्बत और जज्बात के बारे में... लेकिन एक क...
तुम किसे छोटी सी बात कहते हो? तुम किसे छोटी सी बात कहते हो?
कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है! कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है!
कौन देश के वासी तुम बादल चले कहाँ होकर तैयार ? कौन देश के वासी तुम बादल चले कहाँ होकर तैयार ?
मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ। मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ।
किन्तु, ख़ुद ख़त्म होने से पहले ही, पहुँच में उसके दूसरी कुर्सी। किन्तु, ख़ुद ख़त्म होने से पहले ही, पहुँच में उसके दूसरी कुर्सी।