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Moumita Bagchi

Tragedy Others


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Moumita Bagchi

Tragedy Others


खर्च कर दिया

खर्च कर दिया

1 min 146 1 min 146

खर्च कर दिया खुद को,

तुझ को " बड़ा" बनाने में,

दूध- रक्त पिला कर पाला था

एकदिन तुझे।

पर अब,

उसी कर्ज़ का तूने

कुछ यूँ कर दिया भुगतान,

माँ को रद्दी समझकर फेंक आया

किसी वृद्धाश्रम के द्वार।।



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