STORYMIRROR

Rahul Molasi

Romance

4  

Rahul Molasi

Romance

कहने वाले

कहने वाले

1 min
411

रोज़ मिलते है यहां मुझको अपना कहने वाले

झूठ को सच और सच को झूठ कहने वाले


मत  करना  यकीं  इनकी बातों का कभी

सियासतदार है ये होते है बस कहने वाले


मेरे पास जो बैठ जाता तू दो पल के लिए

ख़ामोश हों जाते तुझे  बेवफा कहने वाले


मेरी फितरत है मै गलत को गलत बोलुगा

मुझसे नाराज़ फिर क्यों न हो मेरे चाहने वाले


तेरा मिलना मेरे लिए ख्वाब - ए - जन्नत है

हकीकत  जानते है कहाँ ये सब कहने वाले।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance