Rahul Molasi
Abstract Others
धरती को रोशन करें, ज्यूं पूनम का चाँद
चित पावन सबका करे, नानक जी का नाम
ग़ज़ल
गुरु पर्व
कहने वाले
रूह
प्यार में
समझता है
याद तेरी
जज्बात
कैसा है
प्यार हम से क...
भगवान विष्णु की मदद से शिव की विकट समस्या हुई दूर। भगवान विष्णु की मदद से शिव की विकट समस्या हुई दूर।
तुझे हम न समझ पाए राम । तुझे हम न समझ पाए राम ।
मेरी हर बेचैनी की तकलीफ़, तेरी आँखों में दिखती थी माँ, मेरी हर बेचैनी की तकलीफ़, तेरी आँखों में दिखती थी माँ,
प्रभु! बड़ी उम्मीद में आपके पास आया हूं मैंने कहा पहले पूरी बात तो बताइए। प्रभु! बड़ी उम्मीद में आपके पास आया हूं मैंने कहा पहले पूरी बात तो बताइए।
हूं तो मैं भी एक इंसान मगर फिर भी, हमदर्दी के दो बोल भी सुनने न पाई हूं। हूं तो मैं भी एक इंसान मगर फिर भी, हमदर्दी के दो बोल भी सुनने न पाई हूं।
भीगी पिडंलियाँ, भीगा वक्ष यौवन सारा । मदमस्त था यमुना क भी वह किनारा भीगी पिडंलियाँ, भीगा वक्ष यौवन सारा । मदमस्त था यमुना क भी वह किनारा
क्यों इतना हठ कर बैठी हो राधे, तुम बिन नीरस होली ढोल ताशे, क्यों इतना हठ कर बैठी हो राधे, तुम बिन नीरस होली ढोल ताशे,
रिश्ते कुछ खास होते हैं शायद उनकी डोर उस प्रभु के पास होती है। रिश्ते कुछ खास होते हैं शायद उनकी डोर उस प्रभु के पास होती है।
हर्षित हो जाती है जनता। यहाँ प्रकाश पर्व जब मनता।। हर्षित हो जाती है जनता। यहाँ प्रकाश पर्व जब मनता।।
अधिक प्रगाढ़ और मधुर हो जाते हैं, देखने वाले भी आश्चर्य में पड़ जाते हैं । अधिक प्रगाढ़ और मधुर हो जाते हैं, देखने वाले भी आश्चर्य में पड़ जाते हैं ।
इसलिए सफ़र के इम्तिहानों को, सहज करते चलो स्वीकार। इसलिए सफ़र के इम्तिहानों को, सहज करते चलो स्वीकार।
सही उपयोग से ही सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता। सही उपयोग से ही सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता।
परमधाम हो हमारा क्षितिज, सदगुण हो जीवन का आधार। परमधाम हो हमारा क्षितिज, सदगुण हो जीवन का आधार।
सोच में पड़ गए प्रभु सुनकर जब तर्क-वितर्क सुने जो उन सब के सोच में पड़ गए प्रभु सुनकर जब तर्क-वितर्क सुने जो उन सब के
नौ दिन तक उपवास कराएं। आओ अपना नव वर्ष मनाएं । नौ दिन तक उपवास कराएं। आओ अपना नव वर्ष मनाएं ।
आज मना रहे थे वे खुशियाँ इंतजार था सबको कृष्ण भगवान का। आज मना रहे थे वे खुशियाँ इंतजार था सबको कृष्ण भगवान का।
बाट जोहता किसान। सुख-शांति का जीवन जगे। देश रहे कृषि प्रधान। बाट जोहता किसान। सुख-शांति का जीवन जगे। देश रहे कृषि प्रधान।
तूफ़ानों से घिरा हो रस्ता, डर डर क़दम बढ़ाना क्या।। तूफ़ानों से घिरा हो रस्ता, डर डर क़दम बढ़ाना क्या।।
छोटे करेंगे बड़ो का सम्मान, एक दूजे का सब रखेंगे ख़्याल। छोटे करेंगे बड़ो का सम्मान, एक दूजे का सब रखेंगे ख़्याल।
फिर दुनिया के सामने तांडव करके ,अपने तीसरे नेत्र से हमें भस्म कर जाते। फिर दुनिया के सामने तांडव करके ,अपने तीसरे नेत्र से हमें भस्म कर जाते।