Achyut Umarji
Tragedy
जिंदगी किसी भी मोड़ पर रहने दो...
आप को फूलों की तरह खिलना है...
वरना...सूखे पत्ते किसे पसंद आते हैं।
मेरी जान तिरं...
तस्वीर
पियर
बढ़ती उम्र
।। बिछड़ना ।।
मृत्यु
।। नया साल।।
ऑनलाइन
नया साल
अबाधित
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर ।
शहर की आब-ओ-हवा है ठीक नही तुम अभी आना नही। शहर की आब-ओ-हवा है ठीक नही तुम अभी आना नही।
हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।। हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।।
यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती है ... यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती ह...
है वही दिन,रात का रोना। वही दरके हुए गाने, वही रूठा जमाना। है वही दिन,रात का रोना। वही दरके हुए गाने, वही रूठा जमाना।
आज जब सदियों की खोज के बाद उसने ढूंढ़ लिया है 'ना ' शब्द। आज जब सदियों की खोज के बाद उसने ढूंढ़ लिया है 'ना ' शब्द।
पंक्तियों की प्रेरणा बेच दी जब जाती है, वह रमणी कोठे पर रात भर वीर्य से नहाती है। पंक्तियों की प्रेरणा बेच दी जब जाती है, वह रमणी कोठे पर रात भर वीर्य से नहात...
एक शिकायत है तुझसे माँ,क्यों मुझे ब्याह दिया विदेस? एक शिकायत है तुझसे माँ,क्यों मुझे ब्याह दिया विदेस?
दूर देश से बेशकीमती,नक्काशीदार पिंजरा मंगवाया। दूर देश से बेशकीमती,नक्काशीदार पिंजरा मंगवाया।
हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था
सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है। सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है।
अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं। अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं...
सर्वाधिक महत्वपूर्ण है पुस्तक का वह पृष्ठ, जहां मुद्रित पुस्तक का अधिकतम खुदरामूल्य। सर्वाधिक महत्वपूर्ण है पुस्तक का वह पृष्ठ, जहां मुद्रित पुस्तक का अधिकतम खुदर...
काव्य कुसुम कानन में कविता, कलुषित हुई कहो कैसे? काव्य कुसुम कानन में कविता, कलुषित हुई कहो कैसे?
देखो उस पृथ्वी का मानव ने आज यह कैसा हाल किया है? देखो उस पृथ्वी का मानव ने आज यह कैसा हाल किया है?
आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़ने का जुगत आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़न...
आज मैं गाँव से लौटा हूँ। मन में गहन पीड़ा लिए बैठा हूँ। आज मैं गाँव से लौटा हूँ। मन में गहन पीड़ा लिए बैठा हूँ।
द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण
दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है। दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है।
आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है। आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है।