STORYMIRROR

Achyut Umarji

Tragedy

2  

Achyut Umarji

Tragedy

खिलना

खिलना

1 min
54

जिंदगी किसी भी मोड़ पर रहने दो...


आप को फूलों की तरह खिलना है...


वरना...सूखे पत्ते किसे पसंद आते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy