STORYMIRROR

Ritu Sama

Romance

3  

Ritu Sama

Romance

ख़ास मुलाकात

ख़ास मुलाकात

1 min
400

आम सी कहानी

रोज़मर्रा की ज़िन्दगी जैसे

तुम को सुनाने वाली थी


जिक्र बस इधर-उधर की बातों का होता

कुछ बार बार बुने,

और कुछ होठों तक ही रुके

ऐसे फलसफातों का होता


पर जब तुम आये मेरे दर पे

आज भी हर रोज़ की ही तरह

हर ढलते दिन बाद,

उन हज़ारों शाम की शुरुआत लिए


फिर से महफ़िल बन गयी कुछ ख़ास,

फिर से कही मैंने हर बात तुम्हें,

लाखों में एक जज़्बात

बयां किया हो जैसे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance