STORYMIRROR

Ritu Sama

Others

4  

Ritu Sama

Others

मेरी प्यारी माँ

मेरी प्यारी माँ

1 min
187

तुम रहोगी क्या संग हमेशा

मेरे हर एक पहर की कहानी कहने

कभी शाबाशी बिखेरते हुए

और कभी चुनौती ललकारने 

पूछा था तुमने मुझसे इक दिन ये

नन्ही सी मुस्कान कोमल से चेहरे पे लिए


मैंने भी बदमाशी में हँसी दबाये

कहा...हाँ बिलकुल साये की तरह

कभी डराने तुम्हें

और कभी तुम्हारा साथ निभाए


और ज़मीन से परे जब

आकाश बुला लेगा तुम्हें

मोटी आँखों से टटोलते हुए

पूछा था तुमने

चंद वर्णों से बना यह सवाल

और हुई थी मैं निरुत्तर निढाल


तब हाथ थामा था तुमने मेरा

मैं भी झट से पहुंच जाऊँगी

तुम्हारे पास

पर राह न गया मुझसे

कह डाला बिना सोचे मैंने

गर तब तक धरती पे बना लिया

होगा मैंने अपना आवास ?


पीछे ही रहूँगी सदा तुम्हारे मैं

मेरी प्यारी माँ

धरती आकाश स्वर्ग

या किसी भी जहाँ में

तुम्हें ओझल ना होने दूँगी

जैसे प्रकाश नहीं जाता दूर सूर्य से

और चाँद रहता है करीब धरा के


चिपकी रहूँगी तुमसे सदा

जैसे चिपकाया था तुमने मेरा

गोंद से इक टूटा खिलौना

सबसे प्यारा है वो मुझे आज भी

जैसे तुम हो सबसे ज़्यादा प्यारी

मेरी प्यारी सी माँ


Rate this content
Log in