Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Ritu Sama

Others


5.0  

Ritu Sama

Others


रूठा पानी

रूठा पानी

1 min 290 1 min 290

नन्ही मुठ्ठियों की कहानी

बेमतलब कुछ और कुछ अल्हड़ रवानी

पानी के टपटपाने का संगीत

और उसपे छोटे पगों से छपछप का गीत


नन्ही हथेलियों पर गिरती बूंदे

बंद करके क़ैद कर ले उनको

सरल सी चाहत जैसे है सरल सा पानी

पानी का खिलौना और खेल सा पानी


अपने दरवाज़े पे मैं खड़ा निहारूँ

मेघ मल्हार को दूर से ही सिहारूँ

बचपन किंतु सोचता नहीं, निडर शैतानी 

बस एक कदम और दोस्त बना पानी


जैसे हवा जैसे धरती जैसे श्वास असीम

सोचा था होगा, वैसे ही हमेशा पानी

बारिश होगी जीवन भर की मेहमान

जैसे सूरज चमकेगा वैसे ही बरसेगा पानी


अब देखता हूँ मासूम आँखों को

राह जोते अद्भुत सखा की

पर आसमान की गगरी है अब खाली

हवा बनी रूखी और रूठा इनसे पानी


कैसे हमने छल किया, छीना इनसे

हरा भरा बचपन और गीली मिट्टी की खुशबु

रंग बदल दिया धरती का,

मैला उदासीन सलेटी

ना ही अब खुश नुमा है नीला आसमान

ना ही है हरियाली और ना कहीं खेलता पानी


Rate this content
Log in