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Pankaj Upadhye

Romance

3  

Pankaj Upadhye

Romance

खामोशियां

खामोशियां

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तेरा चुप रहना ना गवारा मुझे

तेरी खामोशियां मुझे खा जाती हैं ..

तुझसे हर पल बात करनेकी तमन्ना दिल मे रहती है..

तू चाहे या ना चाहे मुझे पर

हर पल तेरी ही तस्वीर इन ऑखों में रहती है..

तू जब जब रुठती है

दिल मेरा भी रोता है

तेरी एक हसीं से मुझको

जीने की हर उम्मीद मिलती है...

तेरे मन को कभी छू भी पाउं या नहीं

पता नहीं मुझे क्या तुझको भाता है

पर दिल में जरा आ के देख लो

तुम्हारा ही नाम हर सांस में समाता है...

तू प्यार कर ना कर मुझसे

तेरे प्यार की आस नहीं

बस एक बात बात कर लिया कर

दिल बेचारा इसी से रुबरु हो जाता है..

तेरा चुप रहना ना गवारा मुझे

तेरी खामोशीया मुझे खा जाती है..

तुझसे हर पल बात करने की तमन्ना दिल में रहती है....



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