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Pankaj Upadhye

Romance

3  

Pankaj Upadhye

Romance

दर्द

दर्द

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दर्द छुपा है जिंदगी सीने में तेरे

एक दिन जीना है मौहब्बत में तेरे

जो हासिल ना हुई जीवन में मेरे...

काश वो मेरे जीवन में होती

सुबह सुबह रेशम सें बाल लहराती

ए मेरी बाहों मेॆ समाकर मुझे जगाती..

हर एक सांस नाम कर देता तेरे.

अगर तुम आ जाती जीवन में मेंरे..

दर्द छुपा है जिंदगी सीने में तेरे....

बता कैसे जी लूं जिंदगी बिन तेरे...


जब जब लेता हूं सांस

हर वक्त कमी महसुस होती है

एक अधूरापन सा लगता है जीवन में मेरे..

के काश मेरी मोहब्बत को मंजूर कर लेती..

ऐ रब तु ही बता क्यो नही दी सच्चि मोहब्बत लकिरों मे मेरे

अगर यही लिखना था किस्मत में तो

जीने कि उम्मीद ही क्यो दी 

और उनसे मुलाकात ही क्यो करवायी इस जनम में मेरे..

अगर तोडना ही था दिल तो

धडकन ही रोक लेते, क्यो समां दिया उसे धडकन में मेरे ..

क्यो उसका घर बना दिया दिल में मेंरे..

और छोड दिया अकेला मुझे जीवन में मेरे..

दर्द छुपा है ए खुदा इस दिल में मेरे.


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