STORYMIRROR

Kishan Negi

Action Inspirational Thriller

4  

Kishan Negi

Action Inspirational Thriller

खामोशियां कुछ कहती हैं

खामोशियां कुछ कहती हैं

1 min
350

बहुत क़रीब से पढ़ा है हमने खामोशियों को

खामोश हैं ख़ामोश रहने दो खामोशियों को

बेशुमार दर्द दफन हैं इनके छलनी सीने में

कुछ पल सुकून से रहने दो खामोशियों को


अपने मतलब को जल्दी पहचान लेती है 

उसके इरादों में कमी नहीं मान लेती है 

जनाब बड़ी शातिर है दुनिया बचकर रहना

यहाँ कौन अपने काम आयेगा जान लेती है


मतलब पड़ा तो मुस्कुराके गले मिलते हैं

उनकी नीयत में कांटों के फूल खिलते हैं

गजब का अंदाज़ है इस शहर के लोगों का

पहले ज़ख़्म देते हैं फिर हंस कर सिलते हैं 


चलो दुश्मन के घर रात बसर कर लेते हैं

मौत से पहले अपनी भी ख़बर कर लेते हैं

कौन जाने ऐसा मौका फिर मिले न मिले

अपनी चन्द सासें उसको नज़र कर लेते हैं


मंजिल का तो पता नहीं फिर भी चल रहे हैं

भेड़ों के झुंड में जाने किधर निकल रहे हैं

जवानी गुजार दी है गैरों का दामन थामकर

जिंदगी के हर मोड़ पर अब फिसल रहे हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action