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Anuj Singh

Romance

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Anuj Singh

Romance

खामोशी और इजहार

खामोशी और इजहार

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अगर होंठों से न कह सकूं,

तो मेरी आँखें पढ़ लेना।

अगर ऐतबार न हो तो,

तो मेरी धड़कने सुन लेना।

जो कभी कुछ कह न पाया मैं तुमसे,

तो मेरी खामोशी को ही मेरा इजहार समझ लेना।।।


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