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Anuj Singh

Classics

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Anuj Singh

Classics

अधूरा सपना।।।

अधूरा सपना।।।

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बड़ी मुद्दतो बाद हुआ दीदार तेरा,

तो सोचा हम भी वफ़ा ए मोहब्बत निभा ले।

जो कहने चले दिल की बात,

तो कभी तुमने चुप करा दिया 

तो कभी हम खामोश हो गए


जब चाहा हाथ पकड़कर तेरा

मीलों की सदियां गुज़ार दे

जो बढ़ाए दो कदम हमने 

तो कभी तुमने थाम लिया

तो कभी हम ठहर गए।


अब क्या दोष दे आंखों को तेरी

हम तो एक नजर देखकर बहक गए

जो चाहा इनमें आशियां बनाना

तो कभी तुमने पलकें झुका ली 

तो कभी हम खुद से भटक गए


अनुज कु सिंह

23/04/2025

07:48pm


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