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Anuj Singh

Tragedy

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Anuj Singh

Tragedy

रुखसत

रुखसत

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इस तरह न सताओ हमें 

यूं तन्हा छोड़कर न जाओ हमें

तुम्हारी बेरुखी का ख्याल तो है

पर इस कदर न आजमाओ हमें 


इस रुखसत को कैसे सहे हम

तेरे फसाने को कैसे भूले हम

शिकवे तो बहुत रहे होंगे दिल में

पर इस खामोशी को कैसे सुने हम



अब तू ही इंसाफ कर इस दिल का

कुछ तो इंतजाम कर इस दिल का

या तो कह दे प्यार है

या फिर सुकून भी ले जा इस दिल का


~अनुज कु सिंह

~20 मई 2026


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