Anuj Singh
Children
आपके पैरों की छांव से संस्कार मिले,
आपके हाथों के स्नेह से साथ मिला।
आपके प्यार दुलार से बचपन मिला,
हां, आपके होने से ही मुझे परिवार मिला।
खामोशी और इजह...
बारिश का मौसम...
रुखसत
अधूरा सपना।।।
संघर्ष
सतत जीवन
बेरुखी
एहसास
प्यार के रंग ...
परिवर्तन के कारण ही जन, हो जाती है जग में शाम।। परिवर्तन के कारण ही जन, हो जाती है जग में शाम।।
खुद को तुम न बदलो भैया , दुनियां को तुम बदल डालो। खुद को तुम न बदलो भैया , दुनियां को तुम बदल डालो।
अप्रैल के गरम महीने तुम अब जा रहे हो, जाते जाते दे गए हमको एक अच्छी सीख! अप्रैल के गरम महीने तुम अब जा रहे हो, जाते जाते दे गए हमको एक अच्छी सीख!
मंजिल तक पहुंचाती हैं पुस्तकें हमें जीना सिखाती हैं। मंजिल तक पहुंचाती हैं पुस्तकें हमें जीना सिखाती हैं।
मत याद आया कर ऐसे तू.. मेरा हर पल मेरे लिए बोझिल हो जाता है, मत याद आया कर ऐसे तू.. मेरा हर पल मेरे लिए बोझिल हो जाता है,
कभी गोलगप्पा होकर आगे से भोजन का छोड़ जाना कभी गोलगप्पा होकर आगे से भोजन का छोड़ जाना
खुद रोकर भी अपने दोस्त को हंसाने प्यार और तकरार भी दोस्ती है।। खुद रोकर भी अपने दोस्त को हंसाने प्यार और तकरार भी दोस्ती है।।
बर्फ से जमा आइसक्रीम कुल्फी बच्चे हों या बड़े हों सबको है लुभाता ! बर्फ से जमा आइसक्रीम कुल्फी बच्चे हों या बड़े हों सबको है लुभाता !
कवि ही नहीं संगीतकार भी मेघ मल्हार गाकर बुलाते हैं वर्षा, और बरस जाते हैं मेघ। कवि ही नहीं संगीतकार भी मेघ मल्हार गाकर बुलाते हैं वर्षा, और बरस जाते हैं मेघ...
कहीं मैं और तुम ख्वाब जोड़कर हम हो जाए चलो एक ख्वाब बनाए कहीं मैं और तुम ख्वाब जोड़कर हम हो जाए चलो एक ख्वाब बनाए
आज कुछ अलग करतें हैं थोड़ा बचपन को याद करते हैं। आज कुछ अलग करतें हैं थोड़ा बचपन को याद करते हैं।
मुझे महसूस करो और अपने पास रहने दो। मुझे महसूस करो और अपने पास रहने दो।
बरसात की गोद में भिगो जाती है धरा, आँचल बनकर समेट लेती है सबको। बरसात की गोद में भिगो जाती है धरा, आँचल बनकर समेट लेती है सबको।
कुछ भी ना जाऊं मैं भूल। मम्मी मैं जाऊं स्कूल।। कुछ भी ना जाऊं मैं भूल। मम्मी मैं जाऊं स्कूल।।
सबके कलेज़े का टुकड़ा और कीर्तिमान हैं ! सबके कलेज़े का टुकड़ा और कीर्तिमान हैं !
रहती है अपनी ही दुनिया मे गम सो रही है एक नन्हीं परी।। रहती है अपनी ही दुनिया मे गम सो रही है एक नन्हीं परी।।
वो काम को पूजा बना, और त्याग दे आराम को। वो काम को पूजा बना, और त्याग दे आराम को।
तन – मन में राष्ट्र – भक्ति का जोश जगाया अमर होने का सार दिया तन – मन में राष्ट्र – भक्ति का जोश जगाया अमर होने का सार दिया
शीतल जल- मंद पवन फल फूल औषधि देती है शीतल जल- मंद पवन फल फूल औषधि देती है
स्वर्ग जैसी दुनिया लगती थी, खुशियों का कोई दाम नहीं था। स्वर्ग जैसी दुनिया लगती थी, खुशियों का कोई दाम नहीं था।