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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy Others

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy Others

कैसे

कैसे

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लोकडाउन में राखी मनाऊं कैसे

इसबार में भाई के घर जाऊँ कैसे

न कोई गाड़ी है,न कोई घोड़ा है,

अपने पीहर अब में जाऊँ कैसे


लोकडाउन से हर ओर दिक्कत है,

कुछ भी खरीदे उसमें मुसीबत है,

कोरोना का डर दिल से निकालूँ कैसे

लोकडाउन में राखी मनाऊं कैसे


जिसने कोविड19 को जन्म दिया,

सबके हृदय को विष भरा शूल दिया

पाप की धरती को माफ़ करूँ कैसेअ

पने स्नेह-धागे को पहुंचाऊं कैसे


ख़ुदा इस बार मेरी दुआ कबूल कर ले,

इस कोरोना की विपत्ति को तू हर ले,

इस राखी कोरोना को हटाऊँ दुआ से

पर दुआ तुझ तक में पहुंचाऊं कैसे

लोकडाउन में राखी मनाऊं कैसे

इसबार में भाई के घर जाऊँ कैसे


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