shuuAnni Singh
Romance Others
कैसे समझाऊं तुझे,
कैसे दिखाऊं तुझे,
हो क्या जाता है मुझे,
दूर जाने पे तेरे,
बस यूं समझ ले कि
दूर रेगिस्तान में कोई हमराही
बिन पानी के हो जाता है,
वह ही हाल इस दिल का
तुम बिन हो जाता है....
काट डाली नसें...
न प्यार करनी
मेरे प्यार पे...
वापस दे
किसी से न करन...
कैसे समाऊं तु...
सच केहने की द...
कफ़न पे मेरे ...
क्यूँ पल-पल का साथ भी अब पल-पल की दूरी लगती है। क्यूँ पल-पल का साथ भी अब पल-पल की दूरी लगती है।
डर है पढ़ ले न कहीं वहीं जो में छुपाता हूँ। मुझे पता ये है नहीं, सोचता हूँ मिल के आज बा... डर है पढ़ ले न कहीं वहीं जो में छुपाता हूँ। मुझे पता ये है नहीं, सोचता...
दुनिया कहती रह गई कि ये कैसा पागलपन है तो हमने भी दुनिया से कह दिया की ये पागलपन नहीं मोहब्बत है दुनिया कहती रह गई कि ये कैसा पागलपन है तो हमने भी दुनिया से कह दिया की ये पाग...
देखी है जब से झील से गहरी आँखें तब से नशीली हो हो गई है मेरी रातें छाया है कैसा जादू यह उसके ह... देखी है जब से झील से गहरी आँखें तब से नशीली हो हो गई है मेरी रातें छाया है...
बस तुमसे इश्क करने की इजाज़त दे दो मुझको, मुझसे दिल तुम्हें लगाने की ज़रूरत नहीं। बस तुमसे इश्क करने की इजाज़त दे दो मुझको, मुझसे दिल तुम्हें लगाने की ज़रूरत नह...
तुम पर ही एक गीत लिखा और तुम को ही स्वीकार किया। तुम पर ही एक गीत लिखा और तुम को ही स्वीकार किया।
बद थे, बदनाम थे ज़माने में, क़िस्साये, आशिक़ी अब मशहूर हुए ! साँसों ने साँसों को छुआ ऐसे, वो ह... बद थे, बदनाम थे ज़माने में, क़िस्साये, आशिक़ी अब मशहूर हुए ! साँसों ने साँसों...
वैसे ही कहीं मेरी यादें भी तुम्हें ना करे बेचैन मेरी यादें कुछ ज्यादा ज़िद्दी और शैतान है पर ... वैसे ही कहीं मेरी यादें भी तुम्हें ना करे बेचैन मेरी यादें कुछ ज्यादा ज़िद्दी...
कर के अरदास तुम साथ दोनों का मांग आना। कर के अरदास तुम साथ दोनों का मांग आना।
झड़ी बनो चाहे प्रश्नों की, उत्तर बनता जाऊँगा। प्रिये तुम्हारा साथी बनकर, हर पल साथ झड़ी बनो चाहे प्रश्नों की, उत्तर बनता जाऊँगा। प्रिये तुम्हारा साथी बनकर, ...
दिल में रखो बिल्कुल सुकून से कितने दिए जल गए हैं अपने भीतर बुझा ही दो सही अगर सच में प्य... दिल में रखो बिल्कुल सुकून से कितने दिए जल गए हैं अपने भीतर बुझा ही दो स...
क्या फिर अवतरित होंगे सूरज की तरह स्पंदन के मोती, क्या कड़वा कसैला वक्त बीतेगा कभी.! क्या फिर अवतरित होंगे सूरज की तरह स्पंदन के मोती, क्या कड़वा कसैला वक्त बीतेग...
ये गुज़रता वक़्त हैं या बदलती तस्वीर, हम ऐसे तो न थे फिर क्यो बदलने लगे हैं। ये गुज़रता वक़्त हैं या बदलती तस्वीर, हम ऐसे तो न थे फिर क्यो बदलने लगे हैं।
उन तमाम अनकहे अंधेरों के लिए जो तुम्हारी मधुर मुस्कान को अपने में कहीं लील गए हैं। उन तमाम अनकहे अंधेरों के लिए जो तुम्हारी मधुर मुस्कान को अपने में कहीं लील...
न आंखों से गिरता कोई मजबूर आंसू न ज़माने मे कोई रुसवायी होती काश तुम आज होते काश तुम पास हो... न आंखों से गिरता कोई मजबूर आंसू न ज़माने मे कोई रुसवायी होती काश तुम आज हो...
धक धक करता जो है भीतर तेरी ही धुन में रमता है एक तेरे होने की स्मृति भर से खुशियों का शैलाब... धक धक करता जो है भीतर तेरी ही धुन में रमता है एक तेरे होने की स्मृति भर से...
मन मंदिर में प्रियवर की सुंदर सी छवि कुछ यूँ उभरे। मन मंदिर में प्रियवर की सुंदर सी छवि कुछ यूँ उभरे।
हम दोनों साथ-साथ चले ये सफर लिख रहा हूँ, मोहब्बत-ऐ-मिशालें की डगर लिख रहा हूँ, तुम्हें पता ह... हम दोनों साथ-साथ चले ये सफर लिख रहा हूँ, मोहब्बत-ऐ-मिशालें की डगर लिख रहा हू...
पति तो सिर्फ सात जन्मों तक हमसफ़र होता है। पति तो सिर्फ सात जन्मों तक हमसफ़र होता है।
हवा अपनी मदहोशी में, ज़ब दुपट्टा उड़ा जाती है ऐसे आलम में, वो लड़की बहुत याद आती है ! हवा अपनी मदहोशी में, ज़ब दुपट्टा उड़ा जाती है ऐसे आलम में, वो लड़की बहु...