Chandra prabha Kumar
Fantasy
कैसे कोई काम करे
बाहर बरसात
भीतर भरा दिल है
कैसे कोई काम करे।
रिम झिम
टप टप
अविराम गति
मन से यह होड़ करे
हाइकु
सूरज
चेतना विस्तार
श्रीप्रभु के ...
आ बरसो मेघा
आज रक्षाबन्धन
जन जन का प्या...
अमृत महोत्सव
प्रिय मेरा
ऑंवले का वृक्...
वही अंबार ए मय, वहीं जाम ए रवान वहीं जाम ए रवानी वही अंबार ए मय, वहीं जाम ए रवान वहीं जाम ए रवानी
फाड़ सकती में उन लम्हों को जिन्होंने मुझे बहुत रुलाया फाड़ सकती में उन लम्हों को जिन्होंने मुझे बहुत रुलाया
अगर शब्दो के पंख होते तो दुनिया में हम न होते। अगर शब्दो के पंख होते तो दुनिया में हम न होते।
चंद लम्हे क्या मिले, हमने उन्हें "उम्र" का नाम दे दिया। चंद लम्हे क्या मिले, हमने उन्हें "उम्र" का नाम दे दिया।
मां का मन बच्चे के साथ कहां कहां तक जाता है। जब बच्चा पढ़ने के लिए कहीं दूर को जाता मां का मन बच्चे के साथ कहां कहां तक जाता है। जब बच्चा पढ़ने के लिए कहीं दूर ...
दास्तान तो उनकी है, जो सिर्फ ख्वाब ही सजा सके दास्तान तो उनकी है, जो सिर्फ ख्वाब ही सजा सके
वृद्धावस्था तक का ये सफर एक अंतिम पल वृद्धावस्था तक का ये सफर एक अंतिम पल
मंजिल तो मिल जाएगी पर रास्ते के अनुभव कभी नहीं मिल पाएंगे। मंजिल तो मिल जाएगी पर रास्ते के अनुभव कभी नहीं मिल पाएंगे।
पगला, दीवाना , मस्ताना, हर नाम की दौलत पाई पगला, दीवाना , मस्ताना, हर नाम की दौलत पाई
दर्द कम नहीं होता। मैं खुश! हूं मगर, ख्वाब! नहीं देखा कबसे। दर्द कम नहीं होता। मैं खुश! हूं मगर, ख्वाब! नहीं देखा कबसे।
युद्ध की भयानकता हावी होती है युद्ध की भयानकता हावी होती है
अगर ग़ैर होता तो कोई ग़म नहीं। जानकर अपने लूटे तो हम रो गये।। अगर ग़ैर होता तो कोई ग़म नहीं। जानकर अपने लूटे तो हम रो गये।।
नफरतों की चिंगारी पे, गर गिरा दें प्रेम का पानी। किसकी मज़ाल है, मुल्क में जो आग लगा दे नफरतों की चिंगारी पे, गर गिरा दें प्रेम का पानी। किसकी मज़ाल है, मुल्क में जो ...
मुझे अपने दिल में यूँ छुपा लो मुझे अपना एक गहरा सा राज़ बना लो मुझे अपने दिल में यूँ छुपा लो मुझे अपना एक गहरा सा राज़ बना लो
दैनिक वेतन अर्जक हैं हम मजदूर हैं, नहीं दर्शक हैं हम दैनिक वेतन अर्जक हैं हम मजदूर हैं, नहीं दर्शक हैं हम
वो सोचता, अपराधी इतने, आगे निकल गये, व्यवस्था भी, उनसे घबराती, वो सोचता, अपराधी इतने, आगे निकल गये, व्यवस्था भी, उनसे घबराती,
मोहब्बत है किससे ये सवाल वो हमसे बार बार किए जाता है। मोहब्बत है किससे ये सवाल वो हमसे बार बार किए जाता है।
हसरत थी कि सपनों से एक नई दुनिया बसाऊं हसरत थी कि सपनों से एक नई दुनिया बसाऊं
आखिर कार में डाले, चल पड़ा, तेज गति से, अपने गंतव्य पर, आखिर कार में डाले, चल पड़ा, तेज गति से, अपने गंतव्य पर,
कुछ कह नहीं सकता खामोश दिल की वादी में कुछ कह नहीं सकता खामोश दिल की वादी में