STORYMIRROR

SHREYA BADGE

Tragedy Fantasy

4  

SHREYA BADGE

Tragedy Fantasy

देख लो..

देख लो..

1 min
341

खाली पढ़े है मुकाम मेरा दिल देख लो

कोई नहीं है आज मेरे साथ देख लो


तन्हा गुजारी है हर शाम तुम रात देख लो

कैसे हो गए है हालात मेरे मुझे देख लो


मैं जिसके लिए था हाजिर दिल ओ जान से

वो वक्त आने पर कह गए अपनी औकात देख लो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy