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Priyadarshini Arya

Romance

3  

Priyadarshini Arya

Romance

कैसे कहूं पिया की बतियाँ

कैसे कहूं पिया की बतियाँ

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कैसे कहूं पिया की अपनी बतियाँ

लाज छुपाऊँ, शर्म आवे ऐ सखियाँ

अखियाँ छुपाऊ, नज़रे चुराउ ऐ सखियाँ

दिल का हाल बेक़रार है ऐ सखियाँ


मिलने को तरसे मुझें सारी सखियाँ

पूछने को बेताब हैं सारी बतियाँ

कैसे बताऊ मन की बातें ऐ सखियाँ

दिल का हाल बेक़रार है ऐ सखियाँ


ना पूछ अब कुछ भी सखियाँ

नज़रों के इशारे भी खुशहाल है

दिल मेरा अब बाग़ बाग़ है

उनसे मिलन की रात में

कैसे कहूं पिया की बतियाँ।


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