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Priyadarshini Arya

Inspirational

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Priyadarshini Arya

Inspirational

फिक्र

फिक्र

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202


है तकदीर में मिलना उतना ही

जितना क़िस्मत को मंजूरी हो

फिर अंत का क्यूं परिणाम सोचें

जब ज़िन्दगी को साथ कि मंजूरी हो

मंजूरे खुदा की भी करिश्मा होगी

तेरी मेरी सबकी शिकायते दर्ज होगी

वक्त को सही फैसले का इंतजार है

अंत से भला दुनियां की तस्वीर होगी

ना तेरा ना मेरा फिर भी फिक्र है

हमें जीने को लाखों साधन मिले

बदले में हमनें तुझें कुछ ना दिये

फिर भी फिक्र का अंत सताये है

अभी गरीबी का हाल खबर बेहाल है

दुवाओं से आज ज़िन्दगी आबाद है

नमन है उनको जो सच्चाई के संग है

प्रकृति के साथ जीवन की शुरुआत है ।।




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