STORYMIRROR

pranjal Agarwal

Romance

3  

pranjal Agarwal

Romance

कैसे जी पाऊंगा

कैसे जी पाऊंगा

1 min
323

तेरा मेरा होना क्यों किस्मत में नहीं 

तेरी यादें मेरे साथ है पर तू क्यों नहीं। 

हां जनता हूँ तेरा मेरा साथ किस्मत में नहीं लिखा है

पर मैंने तेरे बिना भी इश्क तुझसे सिखा है।

तुझसे जुदा होकर भी मैं तुझे चाहूंगा तेरी यादों के सहारे कैसे जी पाऊंगा। 

सपनों में कहीं तेरे साथ मैं अपनी दुनिया बनाऊँगा

अब तेरा दोस्त ही सही मैं दोस्ती निभाऊंगा । 

तू कभी ऐसे ही मुस्कुरा देना मैं अपने सारे गम भूल जाऊंगा

पर तेरी यादों को कैसे भूल पाऊंगा । 

कभी तुझे मेरी याद आए तो हवा में महसूस करना

मैं तुझे हवाओं में नजर आऊंगा तेरी यादों के सहारे मैं कैसे जी पाऊंगा। 

नहीं पता था तुझे एक नजर में चाहने की सजा इस कदर पाऊंगा की

तुझे याद कर मैं आपने आँसू बहाऊंगा।

तेरा मेरा होना किस्मत मैं नहीं तुझे भूल जाऊँ कभी ऐसा होगा नहीं।

इस जन्म मैं ना सही तो अगले जन्म मैं सही 

शायद तू मेरी हो । 

इस जन्म मैं बस साथ शायद इतना ही था तू किसी और की थी और जिद मेरी थी।

मैं इतना तो नसीब वाला ही सही की तेरी यादें मेरे साथ है। 

तेरे साथ दोस्ती का रिश्ता भी पक्का निभाऊंगा मैं तेरे बिना कैसे जी पाऊंगा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance