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pranjal Agarwal

Romance

3  

pranjal Agarwal

Romance

फिर से जीना सिखा दिया

फिर से जीना सिखा दिया

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ये जिंदगी मुझे फिर से यादों के शहर में ले आई है

जिस शहर के रास्तों मैं तेरी यादों के कटे बहुत है। 

देखकर आज उसको वापस पुराने गम फिर उमर आए है

मेरे दिल में दफन गम फिर लौट आए है। 

कहने को बहुत कुछ था तेरी यादों में पर तुझे देखकर ये दिल कहा बोल पाया है

आज जिंदगी फिर से तूने मुझे गम में जीना सिखा दिया। 

रोया बहुत था तेरी यादों में जैसे तैसे इस दिल को मनाया था है

जिंदगी तूने आज फिर से मुझे अकेले रोना सिखा दिया

जिंदगी तूने आज फिर से गम में जीना सिखा दिया। 

हे जिंदगी मत खेला कर इस दिल से इस दिल ने अभी - अभी खुश होना सिखा था है

उसे भूल कर फिर से जीना सिखा था तूने मुझे उससे मिला कर

उसके यादों के सहारे जीना सिखा दिया

क्यों तूने मुझे अकेले फिर से उसकी यादों से मिला दिया। 

हे जिंदगी तूने फिर से गम में जीना सिखा दिया। 

दफना कर के उसकी यादों की किताब हम लोगों को ये बता रहे थे की

हमने उसे भुला दिया पर उसकी यादों ने भी मुझे उसके बिना भी उससे ही इश्क सिखा दिया।

हे जिंदगी तूने मुझे फिर से गम में जीना सिखा दिया


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