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Chandni Purohit

Abstract Romance

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Chandni Purohit

Abstract Romance

काश! तुम वो होते

काश! तुम वो होते

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हवा में लहराते बाल

अचानक आये चेहरे पर

हटाने के लिए कोई चाहिए

काश! तुम वो होते


मन हो बेहद उदास

परेशान करे जब कोई बात

पीने को चाय कोई साथ चाहिए

काश! तुम वो होते


मौसम हो बेहद सर्द चलते हुए

गिरने लगे औस की बूंद उस वक्त

रास्ते पर हाथ थामने को कोई चाहिए

काश! तुम वो होते


न करने को हो कुछ खास

करने को हो पूरी बकवास

सुनने को उसको कोई चाहिए

काश ! तुम वो होते


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