STORYMIRROR

Chandni Purohit

Abstract Inspirational

3  

Chandni Purohit

Abstract Inspirational

जिंदगी और क्या है

जिंदगी और क्या है

1 min
538

मानो तो खुली किताब नहीं तो बंदिशें बहार हैं 

मानो तो बहता नीर नहीं तो रुकावटें हज़ार हैं 

एक गुंबद की तरह बंद हैं मन की अनेकों भावनाएं 

मानो तो एहसास हैं कई नहीं तो राज ही राज हैं


घूम रहे जन्तु गाड़ी में पास दौलत जिनके बेशुमार है 

दाने दाने को तरसे कुछ जन कुछ दान के मोहताज हैं 

दिन रात दौड़ धूप करता मनुष्य चंद पैसे मिले रोजगार है 

परिवार बच्चे तरस गये देखने को मिलता न एक अवकाश है 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract