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Chandni Purohit

Abstract Inspirational

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Chandni Purohit

Abstract Inspirational

जिंदगी और क्या है

जिंदगी और क्या है

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मानो तो खुली किताब नहीं तो बंदिशें बहार हैं 

मानो तो बहता नीर नहीं तो रुकावटें हज़ार हैं 

एक गुंबद की तरह बंद हैं मन की अनेकों भावनाएं 

मानो तो एहसास हैं कई नहीं तो राज ही राज हैं


घूम रहे जन्तु गाड़ी में पास दौलत जिनके बेशुमार है 

दाने दाने को तरसे कुछ जन कुछ दान के मोहताज हैं 

दिन रात दौड़ धूप करता मनुष्य चंद पैसे मिले रोजगार है 

परिवार बच्चे तरस गये देखने को मिलता न एक अवकाश है 


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