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Sandeep Kumar

Abstract

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Sandeep Kumar

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काली काली रातों को इमरजेंसी के बातों को

काली काली रातों को इमरजेंसी के बातों को

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काली काली रातों को

इमरजेंसी के बातों को

आज जनता याद किया है

इन्द्रा के आधातों को।


भुल ना पाऐगा कभी

काला उनका रूप 

रोक था जो देश को

अपने स्वार्थ में डूब।


छिन लिया था शक्ति शारी

हो गया था देश त्राहि-त्राहि 

अखबारों के पन्नों पर

छपा नहीं सच्चाई सारी।


काली काली रातों को

इमरजेंसी के बातों को

आज जनता याद किया है

इन्द्रा के आधातों को।


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