काली बेटी और गोरी बहू
काली बेटी और गोरी बहू
हजारों को रीजेक्ट किया काली सोचकर
किस्मत से निकाला गोरी बहू खोजकर
दहेज नहीं चाहिए तो अच्छी बात है
पर लड़की गोरी निकलीं तो करामात हैं
लोगों ने भी यही कहा कि अरे वाह
क्या बात हैं बड़ी अच्छी बहू मिलीं हैं
आखिर कहां से खोज लाए सुंदरता को
तो कहा अरे उस शहर का नाम दिल्ली है
बहु तो गोरी घर में आ ही गई पर
बेटी काली तो दूल्हा मिल नहीं रहा है
लड़के वाले रिजेक्ट करते जाते हैं और
कहते लड़की का चेहरा खिल नहीं रहा है
बेटे की शादी हो गई गोरी सुंदरता से
अब समझने लगे खुद को बड़ा महान
बेटी को ठुकराया गया सुंदरता के नाते
भले ही थीं वो कर्मों में काफी गुणवान
अब गोरी बहू में गुण ना निकला तो
कहते हैं कि किस्मत ही थीं मारी
गुणवती बेटी को दहेज में तोलकर
कहते हैं आखिर वो काली है बेचारी
इसलिए सिर्फ सुंदरता का नहीं बल्कि
लड़की के गुणों का भी मोल लगाओ
काली है तो क्या इन्सान ही तो है,
तुम सिर्फ प्यार दिल खोलकर लुटाओ
