Sunita Katyal
Drama
काल के खूनी पंजे
से डरना क्या दोस्तो
जब तक है जिंदगी
जिंदा दिली से जियो।
जीवन की परेशा...
हवा के साथ बह...
किसी से नहीं ...
हमें क्या
रात ये कह कर ...
जीवन की परिस्...
किस से कहूं
भ्रमित ना हो
लॉक डॉउन और ह...
अकेलापन और लॉ...
पर जीवन में खुशियों की जब बारी है आती पर जीवन में खुशियों की जब बारी है आती
अगर अभावग्रस्त न होते तो किसी सामूहिक विवाह में चक्कर लगाते अगर अभावग्रस्त न होते तो किसी सामूहिक विवाह में चक्कर लगाते
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
माना की उलझनें बहुत है जिंदगी में, मगर फिर भी कुछ तो बात है जिंदगी में, माना की उलझनें बहुत है जिंदगी में, मगर फिर भी कुछ तो बात है जिंदगी में,
घर में टूटी चारपाई, मरम्मत होने वाली है टूटी चारपाई पर बूढ़ी, किस्मत सोने वाली है घर में टूटी चारपाई, मरम्मत होने वाली है टूटी चारपाई पर बूढ़ी, किस्मत सोने वाल...
मगर क्यों कोई परवाह नज़र नहीं आती पीछे भंवर हैं और किनारे भी करीब हैं मगर क्यों कोई परवाह नज़र नहीं आती पीछे भंवर हैं और किनारे भी करीब हैं
कभी मां की ममता प्यारी और न्यारी, फूलों ने छुपी खुशबू सी भीनी भीनी, कभी मां की ममता प्यारी और न्यारी, फूलों ने छुपी खुशबू सी भीनी भीनी,
आसमां को दिखाने अब अपनी रात करना चाहूं। आसमां को दिखाने अब अपनी रात करना चाहूं।
मजबूर हूँ थोड़ा मगर मैं मगरूर नहीं हूँ। मजबूर हूँ थोड़ा मगर मैं मगरूर नहीं हूँ।
वीरान आंगन को निहारता हूँ, रंग भरे थे जो तूने आंगन में। वीरान आंगन को निहारता हूँ, रंग भरे थे जो तूने आंगन में।
डालो फूट और और दुकान लगाओ दुकान लगाओ ... डालो फूट और और दुकान लगाओ ...
परंतु कुछ दर्द वक्त के साथ हमेशा के लिए हो जाते है परंतु कुछ दर्द वक्त के साथ हमेशा के लिए हो जाते है
जब मैं अपनी नम आंखों को सहेजते हुए लंबी सांस लेता हूँ जब मैं अपनी नम आंखों को सहेजते हुए लंबी सांस लेता हूँ
ये सुकूं भी मेरा ऐसा बेरहम हो गया है, आंखों से ख्वाबों को उड़ते हुए देखा था, ये सुकूं भी मेरा ऐसा बेरहम हो गया है, आंखों से ख्वाबों को उड़ते हुए देखा था,
मेरी अलसाई निगाहों में, तूने सतरंगी सपने सजा दिए l मेरी अलसाई निगाहों में, तूने सतरंगी सपने सजा दिए l
जब ये दिल सिर्फ तेरे लिए तड़पता था अब तो इस जालिम ने भी तड़पना छोड़ दिया है। जब ये दिल सिर्फ तेरे लिए तड़पता था अब तो इस जालिम ने भी तड़पना छोड़ दिया है।
कौवा काँव काँव कै चीखै, हमरे घर की क्यारी मा । तब हम यूं जानी की कौनौ, आवै की तैयारी कौवा काँव काँव कै चीखै, हमरे घर की क्यारी मा । तब हम यूं जानी की कौनौ, आवै क...
मुझे ही कुछ करना होगा कुछ को अब साबित करना ही होगा मुझे ही कुछ करना होगा कुछ को अब साबित करना ही होगा
खुशियों को पाने की कोई चाह थी, या बस, गमों से बचने की बेचैनी सी, खुशियों को पाने की कोई चाह थी, या बस, गमों से बचने की बेचैनी सी,
इसलिए वो अपना कर्म ख़ूब अच्छी तरह से निभा सकते हैं।। इसलिए वो अपना कर्म ख़ूब अच्छी तरह से निभा सकते हैं।।