STORYMIRROR

Sunita Katyal

Abstract

3  

Sunita Katyal

Abstract

जीवन की परेशानियां

जीवन की परेशानियां

1 min
318

माना जीवन में परेशानियां हैं बेइंतहा,

करेंगे चिंता तो बढ़ जाएंगी खामख्वाह।


चुप रहेंगे तो शायद कुछ कम लगें

धैर्य से सहेंगें तो, समझिए जैसे खत्म सी हो जाएंगी वो,


विश्वास मानिए, ऐसे में करेंगे प्रभु का शुक्राना गर आप,

खुशियों में बदल जाएंगी परेशानियां !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract