Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Ruchi Mittal

Classics

4  

Ruchi Mittal

Classics

जय श्री राम जी

जय श्री राम जी

1 min
390


साथ ले लक्ष्मण सिया को वन चले श्रीराम जी

जंगलों की रज में शामिल हो गए श्रीराम जी


माता सीता को दिखा था इक हिरण जंगल मे जब 

छाल पाने उस मृग की बढ उठे श्रीराम जी


हर के सीता ले गया जब पापी इक वनवास में

इस विरह की आग में तिल तिल जले श्रीराम जी


पूछते थे वो पता जंगल के फूलों पात से

तब वही पर जा मिले हनुमंत से श्रीराम जी


ज्ञात जब उनको हुआ सिये को दशानन ले गया

वानरों की फौज ले लंका चले श्रीराम जी


वन से चुन चुन कर शिलाएं सेतु का निर्माण कर

द्वार रावण के प्रभु जा पहुचे थे श्रीराम जी 

 

मार कर रावण को फिर सिये से मिले श्रीराम जी 

आओ मिल कर हम कहे सब जे जे जे श्रीराम जी।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics