STORYMIRROR

Santosh Adpawar

Classics

3  

Santosh Adpawar

Classics

होली रे होली(बाल काव्य)

होली रे होली(बाल काव्य)

1 min
282

आई आई होली आई,

रंगों भरी होली आई।

लाल, गुलाबी, पीला, नीला,

सब रंगों को लेकर होली आई।


मुन्ना नहाया,मुन्नियां नहाई,

पिचकारी से खूब रंग उडाई।

चिंटू आया पिंटू आया,

बबली और पिंकी भी आई।


भैय्या आये, दीदी आई,

तरह तरह के सौगातें लाई।

अंकल आये, आंटी आई,

कुछ मिठाइयां, कुछ नमकीन लाई।


रंगों से सब खूब नहाये,

बड़े धूम से होली मनाये।

सब खेले, कुदे, नाचे, गाये

मस्ती भरी होली मनाये।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics