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Santosh Adpawar

Classics

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Santosh Adpawar

Classics

होली आई

होली आई

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फागुन की अलबेली ऋत आई,

दिल पर गजब की मस्ती छाई।

मौसम ने ली अजीब अंगडाई,

आई आई झूमके होली आई।


मौसम ने सब रंग बिखेरे,

हर ओर से प्रेम रंग बरसाई।

सारा आलम हैं बौहराई,

आई आई झूमके होली आई।


राधा संग रंग खेलने,

रंगों की रंगोली आई।

राधा की धर धर कलाई,

श्याम ने खूब रंग लगाई।


भर भर पिचकारी,

भीगोई साड़ी चोली।

भीगे राधा संग संग सहेली,

श्याम संग जो खेलने होली आई।


भागे कोई इधर को,

भागे कोई उधर को,

बचकर श्याम से ना जा पाई,

अपने रंग में श्याम ने रंगाई।

आई आई झूमके होली आई।


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