STORYMIRROR

Sheetal Agarwal

Abstract Classics

4  

Sheetal Agarwal

Abstract Classics

किताबों की दुनिया

किताबों की दुनिया

1 min
403

किताबें होती हैं रंग बिरंगी

छोटी बड़ी, अनेक रूपी

हैं यें बड़े काम की

छोटे हों या बड़े

सबको कुछ सिखाएं।


घर बैठे बैठे

दुनिया घुमाएं

कभी हंसाएं, कभी रुलाएं

दिलों में बस्ती जाएं।


पूरी दुनिया का ज्ञान

संजोए हुए हैं

कल्पनाओं को भी

असीम उंचाई दे जाएं।


अनेकों को अफ़सर बनाएं

बहुतों की नैय्या पार लगाएं

साधारण से व्यक्ति को

डॉक्टर, इंजीनियर बनाएं।


मुश्किलों में राह दिखाएं

व्याकुल मन को शांति दिलाएं

जन्म हो या मरण या

दोनों के बीच का सफर

हर लम्हे को ख़ास बनाएं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract