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Rupesh Kumar

Classics

3  

Rupesh Kumar

Classics

आई रे आई रे होली

आई रे आई रे होली

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होली आई रे आई रे होली आई रे

जीवन को रंगो से रंगायी रे

मन मे पुलकित पंख लगायी रे

लाल हरा रंग रंगाई रे


होली आई रे आई रे होली आई रे

मन तन के दिल मे आग लगायी रे

जीवन को मदहोश करायी रे

मन मे बसंत बहार लायी रे


होली आई रे आई रे होली आई रे

जीवन को सातों रंगों से रंग मे मिलाई रे

प्यार और भाई चारे का नदियाँ बहायी रे

हिंदू मुस्लिम का भेदभाव मिटायी रे


होली आई रे आई रे होली आई रे

रिश्ते नाते को एक डोरे मे बाधि रे

मंदिर मस्जिद को अपनाई रे

दिल मे दुनिया-जहान को समायी रे


होली आई रे आई रे होली आई रे !


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