STORYMIRROR

Ruchi Mittal

Action Inspirational Thriller

4  

Ruchi Mittal

Action Inspirational Thriller

वीरांगना लक्ष्मीबाई

वीरांगना लक्ष्मीबाई

1 min
189

कटि बांध मनु ने सुत अपना

शत्रु पर धावा बोल दिया

प्यासी उसकी तलवार ने भी 

अपना प्यासा मुख खोल दिया


जब झांसी की तलवार उठी 

रण चंडी रण में जाग उठी

नर मुंड कटे सौ झुंड कटे 

ये देख समर मही कांप उठी


बुंदेलों की नस नस फड़की

उर में ऐसी ज्वाला भड़की

तब खड्ग से रानी झांसी की

कड़ कड़ कड़ बिजली कड़की


शत्रु का शोणित पीने को ले 

पवन, पवन के  वेग उड़ी

बन कर दावानल इधर बढ़ी 

बन कर मृत्यु फिर उधर चढ़ी 


जब तक थी सांस लड़ी रानी

शत्रु  पर घातक वार किया

जब शक्ति उसकी क्षीण हुई

उसने स्वयं का संहार किया।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action