Gajanan Pandey
Action
सीमा पर
अपनी जान हथेली पे रखकर
फर्ज निभाते हैं
मेरे देश के वीर।
आज नम आंखो से
उन्हें याद करें
अपना फर्ज निभाएँ
उन शहीदों के नाम।
कविता के संबंध में 10 शब्द -
मेरे देश के वीर
तुम्हारी शहादत पर
शत - शत नमन।
मन आईना है
रंग
संस्कारों से ...
जिंदगी का सफर
समय
पुस्तक
ईश्वर
स्वास्थ्य ही ...
क्या भूलूँ, क...
हमारे हाथ कर्...
सांसों की डोर छूटने से पहले अपने जीवन को प्राणी सफल तू कर ले। सांसों की डोर छूटने से पहले अपने जीवन को प्राणी सफल तू कर ले।
केवल चंद कागज और भौतिकता कमाने, और खुद से दूर जाने, सदा सदा के लिए।। केवल चंद कागज और भौतिकता कमाने, और खुद से दूर जाने, सदा सदा के लिए।।
जब-जब भी संकट आता है, भगवान गणेश ने संभाला है। जब-जब भी संकट आता है, भगवान गणेश ने संभाला है।
तो खुद ही सोचो इस देश का भविष्य कितना सुंदर होगा ? तो खुद ही सोचो इस देश का भविष्य कितना सुंदर होगा ?
पवित्र आत्मा प्रभु की प्रिय होती है। हम सब प्रिय बालक है प्रभु के। पवित्र आत्मा प्रभु की प्रिय होती है। हम सब प्रिय बालक है प्रभु के।
दुर्भाग्य से एक मामा-मामी हमारी, अब मासी छोड़ गए दुनिया हमारी। दुर्भाग्य से एक मामा-मामी हमारी, अब मासी छोड़ गए दुनिया हमारी।
कितने ही दुखी हो मन में लेकिन उनकी याद ही मन को खुशियों से भर देते हैं। कितने ही दुखी हो मन में लेकिन उनकी याद ही मन को खुशियों से भर देते हैं।
हर रोज़ रात को पहरेदारी किया करते, हम चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते। हर रोज़ रात को पहरेदारी किया करते, हम चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते।
जहां की कथनी करनी एक होती है वहां परिवार रूपी बगिया महकती है। जहां की कथनी करनी एक होती है वहां परिवार रूपी बगिया महकती है।
समय बदला बदले संस्कार सामाजिक मूल्य बदले और बदले परिवार। समय बदला बदले संस्कार सामाजिक मूल्य बदले और बदले परिवार।
जंगल पानी करवाने नहीं ले जाते, गलियों में खड़े वाहनों पर करवाते। जंगल पानी करवाने नहीं ले जाते, गलियों में खड़े वाहनों पर करवाते।
शायद तुमको लगता होगा कि मैं नाराज हूं तुमसे। शायद तुमको लगता होगा कि मैं नाराज हूं तुमसे।
जज्बा भरपूर रखकर पराक्रमी योद्धा वीर जाकर रणवीर अपना पराक्रम दिखाएंगे! जज्बा भरपूर रखकर पराक्रमी योद्धा वीर जाकर रणवीर अपना पराक्रम दिखाएंगे!
श्मशान जिन्हें प्रिय वे श्मशान वासी, भूत-प्रेत, गण, आत्माओं के वे स्वामी श्मशान जिन्हें प्रिय वे श्मशान वासी, भूत-प्रेत, गण, आत्माओं के वे स्वामी
फाल्गुन की चतुर्दशी है आई शिवरात्रि की बहार लायी। फाल्गुन की चतुर्दशी है आई शिवरात्रि की बहार लायी।
प्राण वायु प्रत्येक को मिले इसलिए वह पवन रूप में भी बहती है। प्राण वायु प्रत्येक को मिले इसलिए वह पवन रूप में भी बहती है।
कुछ नादान नौजवान व किशोरावस्था के, वो सब हक़ीक़त में कर अपराधी बनते हैं। कुछ नादान नौजवान व किशोरावस्था के, वो सब हक़ीक़त में कर अपराधी बनते हैं।
हमदर्द ना कोई उसका रहा। सभी का वो साथ खो रहा है। हमदर्द ना कोई उसका रहा। सभी का वो साथ खो रहा है।
हर साल आता जब रोशनी फैलाने का त्यौहार। हर साल आता जब रोशनी फैलाने का त्यौहार।
संपूर्ण विश्व धन्य हुआ है तुम्हारी शिव भक्ति को पाकर ! संपूर्ण विश्व धन्य हुआ है तुम्हारी शिव भक्ति को पाकर !