D.N. Jha
Action Inspirational
देखो कटते जा रहे, डाल डाल अरु पात।
बिगड़ रहा पर्यावरण, मानव का उत्पात।।
मानव का उत्पात, लगे कटने अब जंगल।
पेड़ों का आभार, सभी का होता मंगल ।।
जनसंख्या की मार, बेवजह जंगल कटते।
पेड़ों से है लाभ, फूल फल सब हैं मिलते।।
चंद्रयान
चारधाम (कुंडल...
महॅंगाई
मालिक
विश्राम को हर...
योग
आएगा तूफान
बिखर रहे परिव...
आओ सीखें कुछ ...
किसान
सामने आएगा तब एक एक छल, उस दिन होगा असली कोलाहल। सामने आएगा तब एक एक छल, उस दिन होगा असली कोलाहल।
बस केवल प्रभु से ही शिकायत कर पाती है ," मेरी जिंदगी में इतने काम क्यों ? क्यों ? " बस केवल प्रभु से ही शिकायत कर पाती है ," मेरी जिंदगी में इतने काम क्यों ? क्यों ...
मेरे अन्तर्मन में भगत सिंह, गांधी को मैं नहीं पूजता। मेरे अन्तर्मन में भगत सिंह, गांधी को मैं नहीं पूजता।
नई नई तकनीकें मिलती, विघालय, संस्थान में रोजगार के बेहतर अवसर, भारत के विधान में नई नई तकनीकें मिलती, विघालय, संस्थान में रोजगार के बेहतर अवसर, भारत के विधान ...
कुछ कुर्सी के भूखे नंगों को तुमने आजादी मुफ्त में बांटी थी कुछ कुर्सी के भूखे नंगों को तुमने आजादी मुफ्त में बांटी थी
देव भाषा के सम्मुख तुमने गूंगी भाषा को महान बना डाला देव भाषा के सम्मुख तुमने गूंगी भाषा को महान बना डाला
"जान है तो जहान है " यही अब दोहराते रहिए, कोरोना को हराने के तरीके अपनाते रहिए। "जान है तो जहान है " यही अब दोहराते रहिए, कोरोना को हराने के तरीके अपनाते रहि...
पर बेटे की शहादत ने, किया गर्व से सर ऊंचा। पर बेटे की शहादत ने, किया गर्व से सर ऊंचा।
तेरे ही साथ पहली आखिरी सांस लेता है तेरे ही सामने सर झुकता तेरे ही साथ पहली आखिरी सांस लेता है तेरे ही सामने सर झुकता
शत्रु के रक्त से कर विजय अभिमान का दिया उपहार शत्रु के रक्त से कर विजय अभिमान का दिया उपहार
हे हाय हैलो हे हाय हैलो, तुम कुछ तो मेरे साथ चलो। हे हाय हैलो हे हाय हैलो, तुम कुछ तो मेरे साथ चलो।
ये भारत वीरों की धरती, इसकी अमिट कहानी है। ये भारत वीरों की धरती, इसकी अमिट कहानी है।
हे वास्तुविद, हे कलाश्रेष्ठ ! तुम नया शहर संवेदनशील बनाना। हे वास्तुविद, हे कलाश्रेष्ठ ! तुम नया शहर संवेदनशील बनाना।
सावित्री के लगाया ज्ञान सावित्री के लगाया ज्ञान
जान न्योछावर को हैं तैयार, हम और हमारे जवान सभी। जान न्योछावर को हैं तैयार, हम और हमारे जवान सभी।
बस लक्ष्य पर अपने रख नजर असफल भी बने आत्मनिर्भर पशु पक्षी बने आत्मनिर्भर, हर प्राणी बन बस लक्ष्य पर अपने रख नजर असफल भी बने आत्मनिर्भर पशु पक्षी बने आत्मनिर्भर, हर प्...
श्रम स्वेद कणों का तेरे, ये देश ऋणी मेरा। श्रम स्वेद कणों का तेरे, ये देश ऋणी मेरा।
अमीरी-गरीबी का फर्क हटे, ना हो कर्जदारी का खौफ, सब हो जाये खुशहाल। अमीरी-गरीबी का फर्क हटे, ना हो कर्जदारी का खौफ, सब हो जाये खुशहाल।
अपने अंतर्मन की वेदना से छुप छुप कर सिसक रहे हैं हम। अपने अंतर्मन की वेदना से छुप छुप कर सिसक रहे हैं हम।
नारी शक्ति पर आंच ना आने देंगे, आज ये बचन देते हैं। नारी शक्ति पर आंच ना आने देंगे, आज ये बचन देते हैं।