जलता दामन
जलता दामन
चिंगारी सा जलता दामन है,मेरा
जो छूता वो शख्स जल जाता है
बड़ा तेज बहाव का अश्क है मेरा
जो डूबता वो मोती बन जाता है
ऐसा जिंदादिली नज़रिया है मेरा
जो पास आता,जिंदा हो जाता है
ऐसे पारस विचारों का प्रवाह है,मेरा
जो पास आता है,सोना बन जाता है
चिंगारी सा जलता दामन है,मेरा
जो छूता वो शख्स जल जाता है
ऐसा रोशन रातों का अंधेरा है,मेरा
जो दीप पास आता है,बुझ जाता है
ऐसा अंधेरे का तीक्ष्ण दर्द है,मेरा
चिंगारी सा जलता दामन है,मेरा।
