Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

जल-तरंग

जल-तरंग

1 min
265


जल तरंग से बजने लगे

जब से देखा है तुम्हें ,

पहली बारिश की निर्मल

बूंदों सी मनमोहक हँसी

तुम्हारी,


पेशानी पर बिखरे केश

दीवाना कर देतें है,

जब झटकते हो बेफिक्री से

तुम।


बरसात की तरह ही आ टपकते

हो मेरे सपनों में झम-झम कर

भींगती रहतीं हूँ मैं,

पल-पल तेरे अहसासों की बारिश

में।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance