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Anita Mishra

Others

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Anita Mishra

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तेरी आस में

तेरी आस में

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तेरी आस में सब कुछ

भूलकर बैठी हूँ,

तू आये तो करूँ सिंगार,


हाथ में कंगन, नाक में नथ,

माथे पे बिंदी सजाऊँ।


आँख में काजल, होंठ में लाली,

और बंसन्त में धानी आँचल लहराऊँ।


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