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आचार्य आशीष पाण्डेय

Fantasy

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आचार्य आशीष पाण्डेय

Fantasy

जज़्बात में मत पड़ना

जज़्बात में मत पड़ना

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जज़्बात में पड़कर तुम

कभी भी प्यार नहीं त्यजना

मिलता है नसीबों से

इसे व्यवहार नहीं करना।।


सांसों की कीमत जैसे

अनमोल सदा होती

प्यार की कीमत भी

दुनिया से बड़ होती।।


है प्यार की कीमत क्या

समझा जब खो जाता

वो धन्य सदा मानता है

जिसे ये प्यार है मिल जाता।।


प्रमाण बहुत ही हैं

 कितने मैं दूं तुमको

मिट गये इसी खातिर

वो लोग छोड़ सबको।।



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