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Nalanda Wankhede

Drama

3  

Nalanda Wankhede

Drama

जिंदगी इंसान की

जिंदगी इंसान की

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जिंदगी इंसान की वृक्ष की तरह

कभी छाँव कभी पतझड़ एक जैसी ही तो है।


जिंदगी इंसान की दिन की तड़कती धूप की तरह

रात औऱ मौत एक जैसी ही तो है।


जिंदगी इंसान की ऋतुओं की तरह

आगमन और प्रस्थान एक जैसा ही तो है।


जिंदगी इंसान की तकदीर की तरह

कब निखर जाए कब बिगड़ जाए एक जैसी ही तो है।


जिंदगी इंसान की हीरे की तरह

कभी खदान में कभी गले में एक जैसी ही तो है।


जिंदगी इंसान की काँच की तरह

कभी अच्छाई कभी बुराई एक जैसी ही तो है।।


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