STORYMIRROR

Anuja Singh

Romance Others

3  

Anuja Singh

Romance Others

ज़िक्र

ज़िक्र

1 min
117

तेरा ज़िक्र किताबों सा

मेरी फ़िक्र गुलाबों सी

मेरे शौक़ परिंदों से 

तेरी नज़र आफ़ताबों सी

ये क़िस्सा है कोई ख़्वाब सा

ये कहानी मिर्ज़ाओं सी

तू देख क्या क्या बदल गया

ना ये फ़िजा जश्न ए शौक़ की

ना ये रंगत आबशारो की॥


 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance