Anuja Singh
Inspirational
इस क़दर हर बार खुद को संभाल लेता हूं
मुश्किलों के आसमान में हौसलों की उड़ान लेता हूं
कोई तूफान मुझसे उसका ना पाया है
ये हौसला मेंने कोशिशों से पाया है।
काश
ख़्वाब
ज़िक्र
किताबें
#दिल
हौसला
शर्त
होस्टेलरूम
इंतज़ार
गुमशुदा
वैसे ही पेड़ के पीले पत्ते झड़ रहे हैं, बूढे लोगों का सम्मान कीजिए, उनसे प्यार के दो वैसे ही पेड़ के पीले पत्ते झड़ रहे हैं, बूढे लोगों का सम्मान कीजिए, उनसे ...
और वे खुशी से खिलेंगे प्रभु के प्रति आभार जताओ। और वे खुशी से खिलेंगे प्रभु के प्रति आभार जताओ।
मन में एक विचार कौंधा जगा एक विश्वास । मन में एक विचार कौंधा जगा एक विश्वास ।
आते है वापस लोग गुजरे हुए ? हम भी करते रहे कोई भी आते नहीं थे। आते है वापस लोग गुजरे हुए ? हम भी करते रहे कोई भी आते नहीं थे।
उम्मीदों को पलकों पे बसाये सुर्ख लाली से आसमां फिर रंग जाएगा..... उम्मीदों को पलकों पे बसाये सुर्ख लाली से आसमां फिर रंग जाएगा.....
जीवन जितना सरल रहेगा तप भी उतना कम होगा ! जीवन जितना सरल रहेगा तप भी उतना कम होगा !
जिन्होंने जिंदगी में विशेष कारनामों को दिया अंजाम जिन्होंने जिंदगी में विशेष कारनामों को दिया अंजाम
कर्ण दान से अमर हुआ भले हो शरीर का अंत।। कर्ण दान से अमर हुआ भले हो शरीर का अंत।।
राजनीति का इस देश की, जाने सभी सत्य यथार्थ।। राजनीति का इस देश की, जाने सभी सत्य यथार्थ।।
जो भी इस साँचे मे बैठी हैं या बैठ रही हैं,उन सभी को आदर सहित --- जो भी इस साँचे मे बैठी हैं या बैठ रही हैं,उन सभी को आदर सहित ---
वास है परम धाम, झांकी अति अभिराम, वास है परम धाम, झांकी अति अभिराम,
मगर तुम्हें ज़रूरत न पड़ेगी, इतना यकीन खुद को दिलाता हूँ, मगर तुम्हें ज़रूरत न पड़ेगी, इतना यकीन खुद को दिलाता हूँ,
बिना जुझे हवा के थपेड़ों से कैसे मिलेगी वो ऊंचाइयाँ। बिना जुझे हवा के थपेड़ों से कैसे मिलेगी वो ऊंचाइयाँ।
काला-काला जब हो जाता मुझको बहुत भाता बादल काला-काला जब हो जाता मुझको बहुत भाता बादल
पछताये वो माथा पकड़कर महबूब पर क्यों मर रहे थे । पछताये वो माथा पकड़कर महबूब पर क्यों मर रहे थे ।
हर जगह पर शांति होती है, बच्चे नाव चलाते हैं। आया मौसम बारिश का। हर जगह पर शांति होती है, बच्चे नाव चलाते हैं। आया मौसम बारिश का।
दबा चोंच में दाना लाती नन्हें चूजों की भूख मिटाती। दबा चोंच में दाना लाती नन्हें चूजों की भूख मिटाती।
पेड़ –पौधे भी मुरझाने लगे चिड़ियों ने चहचहाना छोड़ कहीं और दुबक गए पेड़ –पौधे भी मुरझाने लगे चिड़ियों ने चहचहाना छोड़ कहीं और दुबक गए
हाँ, रंग में ढलना जिसका खेल, जल में निर्मलता का मेल। हाँ, रंग में ढलना जिसका खेल, जल में निर्मलता का मेल।
प्यार स्वयं इक जादू है, जो जग को नाच नचाता है। प्यार स्वयं इक जादू है, जो जग को नाच नचाता है।