STORYMIRROR

Anuja Singh

Romance

2  

Anuja Singh

Romance

इंतज़ार

इंतज़ार

1 min
55

वक़्त से मैने मोहलत ली

आंखो को तेरा इंतज़ार सा था,

बिगड़े हुए मुकद्दर पर अपने

फिर भी ज़रा एतबार सा था,

बेबस दिल को थाम के रखा

धडकनों में तेरा नाम सा था,

गिन गिन कर ये सांसे आयी

एहद ए वफ़ा का इंतजार सा था,

अब तुम नहीं तो टूट कर

फिर भी मैं गिरता नहीं,

वो गलिया नज़ारे सब वहीं है

कुछ भी तो बदला नहीं,

एहसास था जो दिल से वो जाता रहा

कुछ इस तरह ज़िन्दगी से अपना नाता रहाll

     


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance